उत्तराखण्ड सरकार द्वारा बिजली के स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाने कि योजना वापस लेने ओर युपीसीएल के निजीकरण की कोशिशें बंद करें।

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा बिजली के स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाने कि योजना वापस लेने ओर युपीसीएल के निजीकरण की कोशिशें बंद करें।

जोशीमठ

राजेंद्र कोशवाल


भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी- लेनिनवादी) मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार देहरादून द्वारा - उपजिला अधिकारी जोशीमठ विषय -उत्तराखण्ड सरकार द्वारा बिजली के स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाने कि योजना वापस लेने ओर युपीसीएल के निजीकरण की कोशिशें बंद करने के संबंध में आपकी सरकार बिजली के स्मार्ट मीटर लगा रही है जिसे पहले प्रीपेड मीटर के नाम से लगाने की योजना थी भारी जनविरोधी के बाद प्रीपेड मीटर योजना का नाम बदलकर स्मार्ट मीटर योजना कर दिया गया पहले ही डिजिटल मीटर के द्वारा प्रदेश में लगे है तब ये स्मार्ट मीटर नामधारी नये मीटर लगाये जाने की आवश्यकता समझ से परे है बिजली चोरी रोकने का तर्क देकर जो स्मार्ट मीटर लगाये जाने की योजना बनाई गई है वह केवल भरमाने की कोशिश है क्योंकि जो भी लोग पहले से ही मीटर लगाये है वे बंदस्तुर बिजली बिल जमा करते है ऐसे में इसके पीछे युपीसीएल के निजीकरण ओर भविष्य में इन मीटरों को प्रीपेड बनाने कि कोशिश है जिसका हम पुरज़ोर विरोध करते है कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है आपकी सरकार द्वारा पहले ही कई बार बिजली दरों में वृद्धि करके आम जनता के लिए मुश्किलें खडी़ कि गई है ओर अब आपकी सरकार स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर काम कर उसकी मुश्किलें को बढाने पर काम कर रही है 

राज्य सरकार की यह नीति कुल मिलाकर विधुत विभाग के निजीकरण ओर जनता पर भारी बिजली बिलो का बोझ को डालने का काम कर रही है जिस तरह स्मार्ट मीटर लगाने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रिय पुजीपति गौतम अडानी को दिया है उससे सरकार की मंशा और भी साफ हो गई है इसके जारिऐ कुल मिलाकर आपकी सरकार युपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) का निजीकरण और बिजली के दामों में भारी बढोतरी करना चाहती है ओर उपक्रम को अडानी के हवाले करना चाहती है यही बिलकुल स्वीकार नही हो सकता है स्मार्ट मीटर लगाने की यह नीति जनता के खिलाफ है तो साथ ही यह विधुत विभाग के कर्मचारियों के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि स्मार्ट मीटर लगाने से भारी पैमाने पर कर्मचारियों की छटनी होगी पहले ही ढेके पर काम कर रहे कमियों की नौकरियां पर गाज गिरना लाजमी है 


जिसमें पहले से भंयानक हो रही बेरोजगारी में और इजाफा होगा इसलिए हम सरकार की इस नीति का विरोध करना ओर स्मार्ट मीटर योजना को रद्द किऐ जाने की मांग करना बेहद जरुरी है मांग 1- राज्य में विधुत के स्मार्ट मीटर लगाने की योजना वापस लिया जा ओर बिजली मीटरों कि पुरानी पद्वति जारी रखी जाऐ 2- युपीसीएल के निजीकरण बेटा करण कोई कोशिश बंद कि जाऐ 3- लगातार भारी लो वोल्टेज की समस्या ओर उसके बावजूद बिजली बिलो में भारी बढोत्तरी पर रोक लगाई जाऐ 4 - बिजली दरों में किसी भी तरह की वृद्धि ना किया जाऐ 5 - विधुत बिलो में मीटर रीडिंग के अतिरिक्त लगाये जाने वाले फिक्स चार्ज को समाप्त किया जाऐ 

 भवदीय अतुल सती दीपक टम्टा गरिश लाल बद्वी लाल विनोद K L डिमरी टिकट नेगी प्रकाश